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– शंभु सुमन

 

हर कामयाब इंसान के पीछे एक औरत का हाथ होता है . इस बात को पूर्ण रूप से चरितार्थ कर रही हैं अनिता पंडित अभिनेता मनोज पंडित की धर्मपत्नी .

आज हम बात कर रहे हैं अभिनेता मनोज पंडित की जो इन दिनों नोएडा में छाए हुए हैं. उनकी एक फिल्म रीलिज हुई है सफाईबाज. गजब की फिल्म है. नए टॉपिक पर बनी है. सफाईकर्मियों की समस्या को बड़े ही सलीके से उठाया गया है. लोग उसे देखने के लिए टूट पड़े हैं. उसमें राजपाल यादव, जानी लीवर, उपासना सिंह, रविकिशन जैसे कलाकारों के बीच मनोज पंडित भी एक जबरस्त भूमिका में हैं. सिनेमा के पर्दे पर वे विलन हैं, लेकिन सिनेमा के बाहर सिनेमाप्रेमियों की निगाह में हीरो. फिल्म देखकर निकलने वालों का जब छींटदार शर्ट ओर जींस में स्मार्ट मनोज पंडित से सामना हो जाता है तब वे अचंभित हो जाते हैं. उनकी आंखें तब खुली की खुली रह जाती है जब वे उनसे पूछ बैठते हैं ”फिल्म कैसी लगी?” पल भर के लिए वे मनोज को एकटक निहारते हैं, फिर बोल पड़ते हैं, ”बहुत अच्छा! बहुत ही अच्छा!! गाने में आपका डांस बहुत मजेदार लगा… क्या खुलकर नाचे हैं डांसर के साथ!  ”

यह सुनकर उनके पास खड़ी पत्नी अनीता पंडित थोड़ी शर्माती हैं, सकुचाती हैं, फिर गर्वान्वित महसूस करती हुई एक महिला दर्शक के सामने अपने मोबाइल से जुड़़ा माइक कर देती है— ”आप बताइए मनोज जी का रोल कैसा था?”

”बहुत पसंद आया मैडम. रोल के अनुसार अच्छा काम किया है. यह फिल्म सबको देखनी चाहिए…”

दो अक्टूबर से मनोज पंडित और अनीता पंडित सफाईबाज के प्रमोशन का जो सिलसिला शुरू किया उसे एक अद्भुत प्रयोग कहा जा सकता है. खासकर अनीता पंडित ने जिस तरह से कंपेन चलाई और अभिनेता पति को एक सशक्त पहचान दिलाने का काम किया, उसे देखकर पति—पत्नी के अटूट प्रेम के मिसाल दी जा सकती है. यदि किसी पुरुष की सफलता के पीछे स्त्री का हाथ होता है, तो अनीता पंडित ने पिछले ढाई  दशक से साथ देकर उसे नए सिरे से परिभाषित किया है.

मनोज पंडित मूलत: एक चित्रकार हैं. पटना आर्ट कालेज से चित्रकला में डिग्री हासिल करने के बाद वाटरकलर पेंटिंग में उन्हें महारथ हासिल है. उनके रेखांकन और चित्रांकन देश की पत्र—पत्रिकाओं में जगह पाते रहे हैं. अपनी फिल्मों की पोस्टर डिजाइनिंग करते हैं. उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में दूरदर्शन के सीरयिलों में छोटे पर्दे से शुरूआत की. भोजपुरी के बाद हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बना ली है. उनकी पिछली दो फिल्में इट्स डिफरेंट और प्रतिशोध में उन्होंने जबरदस्त विलेन की भूमिका निभाई. सफाईबाज में वे सफाईकर्मियों का शोषण करने वाले ठेकेदार बने हैं.

मनोज की फिल्मों की शूटिंग हो, प्रीप्रोडक्शन का काम हो, प्रमोशन की जिम्मेदारी हो या फिर और दूसरे तरह की व्यस्तताएं हों, सभी मे अनीता पंडित के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है.

सफाईबाज के लिए उनके द्वारा चलाया गया प्रमोशन का ​अभियान प्रचार का नया फार्मूला गढ़ दिया है. इसकी योजना भी फिल्म के प्रोड्यूशर के सहयोग से अनीता ने ही बनाई थी.

अवनीश आर्ट की सफाईबाज फिल्म के टॉपिक की जितनी भी तारीफी की जाए कम होगी. फिल्म के विषय को निर्माता—निर्देशक ने एक कहानी में पिरोकर जिस तरह से प्रस्तुत किया उससे फिल्म मनोरंजक बन गई. वरना अमूमन इस तरह के नीरस विषयों पर डाक्यूमेंट्री फिल्म ही बन पाती है.

 

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