Spread the love

 

– नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’

  • अरे लालचंद जी, आप तिरंगा झंडा लेकर कहां जा रहे हैं ?
  • सिंह साहब, आपको पता नहीं है, मैं नेता बन गया हूं ।
  • अच्छा, आप नेता बन गए हैं ! यह तो बहुत खुशी की बात है, पर आप नेता किस कारण से बने हैं ? उन्होंने कहकर चुटकी ली।
  • आपके कहने का मतलब क्या है ? वे आश्चर्यमिश्रित भाव से बोले ।
  • देखिए लालचंद जी, नाराज मत होइए । लोग नेता दो कारण से बनते हैं । एक देश को लूटने के लिए दूसरा स्वयं देश पर लुट जाने के लिए ।

 

One thought on “दो कारण”

Leave a Reply

Your email address will not be published.