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– राजीव कुमार

आस का पंछी उड़ान भरे
आस को मिलता रहे जीवन
संघर्ष समर्पण, संघर्ष समर्पण .
आस का पंछी जिस डाल बैठे
न आये उसमे पतलापन
संघर्ष समर्पण, संघर्ष समर्पण .
आस का तो सारा आकाश
आस न पाए कभी मरण
संघर्ष समर्पण, संघर्ष समर्पण .
रास्ता बदलना ध्येय न हो
गंतव्य पहुंचने से पहले
आस का न हो विकर्षण
संघर्ष समर्पण, संघर्ष समर्पण .
– बोकारो , झारखण्ड

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