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कोरोना वायरस ने पूरे संसार में इस कदर कहर बरपाया कि सरकारी हो या गैर सरकारी सारे काम धंधे बंद हो गए . लोग घरों में कैद हो गए . मनोरंजन के लिए आसरा रहा टी. वी. और मोबाइल का . दिन भर टी. वी. से चिपके रहना कहा तक संभव था लेकिन इस में बाजी मार लिया एक छोटा सा स्मार्ट मोबाइल फोन ने . साड़ी दुनिया इस एक बीते के डिजिटल फोन से ऐसे जुडी की कब दिन बिता और कब रात आती है पता नहीं चलता . हार्ड कापी में पत्रिकाएँ आणि बंद हो गई तो pdf फ़ाइल में पत्रिकाएँ सभी के मोबाइल पर पढ़ी जाने लगी kindle पर भी रचनाएँ खूब पढ़ी गई .

pdf के रूप में जो पत्रिकाएँ निरंतर निकलती रही उनमें से प्रमुख रहीं प्रेरणा अंशु , संवाद मंच, अट्टहास, लघुकथा वृत्त,अविराम साहित्यिकी,नूतन कहानियाँ,मुस्कान,अभिनव प्रयास ,नव साहित्य त्रिवेणी ,सदिनामा हिंदी की गूंज ,नवल आदि इसके साथ ही वेबसाइट मैगबुक पर भी हजारों पाठकों ने अपनी उपस्तिथि लगाई .

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