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तीन पीढ़ी के कथाकारों का संगम है सिद्धेश्वर द्वारा संपादित कथाकृति “कथा दशक ” : भगवती प्रसाद द्विवेदी
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पटना : 27 /06/2022! ‘कथा दशक’ वैसे दृष्टिसम्पन्न दस समकालीन कथाकारों की दो-दो प्रतिनिधि कहानियों का अनूठा संकलन है,जिनकी कहानियों में यथार्थ जीवन का सच उद्घाटित हुआ है। नवोदित, युवा और वरिष्ठ-तीन पीढ़ी के कथाकारों का संगम है यह। संकलन की कहानियाँ कोई समाधान प्रस्तुत नहीं करतीं, बल्कि मूलभूत मुद्दों से जुड़े जरूरी सवाल खड़े करती हैं और वे सवाल अंतर्मन को आन्दोलित करते हुए गहरी संवेदना जगाते हैं।कथाकार एवं संपादक सिद्धेश्वर ने कहानियों के चयन में पूरी सतर्कता बरती है। यही वजह है कि संकलन की अधिकांश कहानियाँ मर्मस्पर्शी बन पड़ी है।आवरण और अंदर के पन्नों पर उनके एवं रशीद गौरी के रेखांकन भी प्रभावी बन पड़े हैं।
जागो ( शैडो गवर्नमेंट ) एवं भारतीय युवा साहित्यकार परिषद के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित, सिद्धेश्वर के संपादन में प्रकाशित साझा कथा पुस्तक ” कथा दशक ” का लोकार्पण करते हुए उपरोक्त उद्गार मुख्य अतिथि लब्ध प्रतिष्ठित कथाकार भगवती प्रसाद द्विवेदी ने व्यक्त किया l उन्होंने कहा कि – “अशोक प्रजापति की ‘शिनाख्त’,जयंत की ‘काॅपर ब्राउन’,सिद्धेश्वर की ‘कपवाली आइसक्रीम’ जैसी कहानियाँ इस कथा संकलन को यादगार बनाती हैं। विश्वास है, ‘कथा दशक’ का सार्थक मूल्यांकन होगा। ”
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कथाकार अशोक प्रजापति ने कहा – विषम परिस्थितियों में, सिद्धेश्वर के अथक प्रयास का परिणाम है कथा दशक ! इस पुस्तक में वर्तमान के वरिष्ठ एवं नए कथाकारों का अद्भुत संगम दिख पड़ता हैl
पूरे समारोह की अध्यक्षता करते हुए चर्चित कथाकार जयंत ने कहा कि – कथा दशक में शामिल अधिकांश कहानियां समाजिक परिवेश के दर्द को बयान करता है तो दूसरी तरफ समाज की बदलती जा रही स्थिति और मानवता से दूर हो रहे सम्बंधों से साक्षात्कार कराता है lकहानी एक ऐसा शब्द एक ऐसी ‘विधा’ जिसे सुनते ही हृदय में कई भावों का जन्म होता है यथा कौतुहल रोमांच उत्सुकता अथवा व्यंग से भरी रचनाएं कथा दशक की पहचान है!”
प्रियंका श्रीवास्तव शुभ्र, पूनम कतरियार की समीक्षा किया l
पूरे समारोह का संचालन करती हुई, समारोह की संयोजिका एवं युवा लेखिका नीलू अग्रवाल ने कहा कि – नए पुराने रचनाकारों को एक मंच देना हमारी संस्था का उद्देश्य है l सिद्धेश्वर द्वारा संपादित कथा संकलन के लोकार्पण के बहाने आज दूरदराज के साहित्यकारों से भी साक्षात हुआ!
लोकार्पण के पश्चात साहित्य समागम के अंतर्गत भगवती प्रसाद द्विवेदी, सिद्धेश्वर,अशोक प्रजापति,अपूर्व कुमार,संगीता मिश्रा, मीना कुमारी, जयंत,इशिका राज,रश्मि गुप्ता,एकलव्य केशरी,रवि किशन कुमार,डॉली बगरिया,डॉ अलका वर्मा, ऋचा वर्मा, पुष्प रंजन,रेखा भारती मिश्र,प्रियंका श्रीवास्तव,डॉ सुधा सिन्हा,पूनम कतरियार,तेज नारायण,लता पराशर,हृदय नारायण झा,सुनील कुमार,राज प्रिया रानी,नीरज सिंह,नूतन सिन्हा,नीता सिन्हा,साक्षी,पुष्यमित्र,सर्वेश आदि ने अपनी अपनी समकालीन कविताओं औऱ लघुकथाओं का पाठ किया!
इनके अतिरिक्त बीना गुप्ता,अखिलेश कुमार,प्रमोद कुमार,डॉ कुंदन लोहानी,संजीत भारती,प्रणव कृष्णा,उत्तम चौधरी,प्रीति चौधरी,उर्मिला चौधरी,पंकज चौरसिया,अल्पना चौरसिया,गगन गौरव आदि की भी गरिमामय उपस्थिति रही l आगत अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया अखिलेश जी ने l
🔷 प्रस्तुति :नीलू अग्रवाल (संयोजिका / चौथा इतवार / जागो संस्था! मोबाइल नंबर: 94310 81094

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