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– महेन्द्र “अटकलपच्चू”

 

संसार में दो ही जात है

एक औरत

दूसरा आदमी।

संसार में दो ही जात है

एक मानव

एक दानव।

संसार में दो ही जात है

एक गरीब

दूसरा अमीर।

संसार में दो ही जात है

एक पशु

एक पक्षी।

संसार में दो ही जात है

एक बुरा

दूसरा भला।

संसार में दो ही जात है

एक ऊंच

दूसरा नीच।

संसार में दो ही जात है

एक भक्त

दूसरा भगवान।

 

संसार में दो ही जात है

एक मूर्ख

दूसरा विद्वान।

 

फिर भी हम जात पात की लड़ाई

लड़ते रहते हैं।

क्यों…?

 

– मो. +918858899720

 

 

 

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